क्या आप पेंशनभोगी हैं और हर साल जीवन प्रमाणपत्र (Life Certificate) जमा करने की प्रक्रिया को लेकर परेशान रहते हैं? या आप अपने माता-पिता, परिवार के किसी बुजुर्ग सदस्य अथवा किसी अन्य पेंशनभोगी का जीवन प्रमाणपत्र जमा करने में मदद करना चाहते हैं?
अब इस काम को आसान बनाने के लिए आप अपने स्मार्टफोन से ही आधार फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (Digital Life Certificate) जमा कर सकते हैं।
भारत सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने UIDAI और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सहयोग से यह सुविधा उपलब्ध कराई है।
इस प्रक्रिया में पेंशनभोगी के चेहरे की पहचान करके डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र तैयार किया जाता है। इसके लिए आपको केवल एक स्मार्टफोन और दो आवश्यक मोबाइल एप्लिकेशन की जरूरत होती है।
इस लेख में हम आपको बिल्कुल आसान भाषा में बताएंगे कि डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र क्या है, कौन-कौन से ऐप डाउनलोड करने हैं, ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन कैसे करना है और पेंशनभोगी का फेस स्कैन करके जीवन प्रमाणपत्र कैसे जमा करना है।
चलिए, पूरी प्रक्रिया को एक-एक करके समझते हैं।
डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (Digital Life Certificate) क्या है?
डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र, जिसे आमतौर पर DLC या Jeevan Pramaan कहा जाता है, पेंशनभोगियों के लिए उपलब्ध एक डिजिटल प्रमाणपत्र है।
इसका उपयोग पेंशनभोगी के जीवित होने की पुष्टि के लिए किया जाता है।
पहले जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए पेंशनभोगियों को संबंधित बैंक, डाकघर या अन्य निर्धारित कार्यालय में जाना पड़ सकता था। लेकिन डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की सुविधा से यह प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से भी पूरी की जा सकती है।
आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से पेंशनभोगी अपने मोबाइल फोन से चेहरे की पहचान कराकर जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।
इस सुविधा की एक खास बात यह है कि पेंशनभोगी स्वयं भी ऑपरेटर बन सकता है। इसके अलावा परिवार का कोई सदस्य या अन्य व्यक्ति भी उनकी ओर से ऑपरेटर बनकर इस प्रक्रिया में सहायता कर सकता है।
डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाने के लिए किन चीजों की जरूरत होगी?
प्रक्रिया शुरू करने से पहले कुछ जरूरी चीजें अपने पास रख लें। इससे बीच में बार-बार रुकना नहीं पड़ेगा।
आपको निम्नलिखित चीजों की आवश्यकता होगी:
- एक एंड्रॉइड या आईओएस स्मार्टफोन।
- आधार नंबर।
- आधार से संबंधित सही व्यक्तिगत जानकारी।
- मोबाइल नंबर।
- ओटीपी प्राप्त करने की सुविधा।
- ऑपरेटर के लिए ईमेल पता।
- पेंशनभोगी का PPO नंबर।
- पेंशन खाता संख्या।
- पेंशन का प्रकार।
- स्वीकृति प्राधिकारी (Sanctioning Authority) का विवरण।
- संवितरण एजेंसी (Disbursing Agency) का विवरण।
एक जरूरी बात: ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन में मोबाइल नंबर और ईमेल पता दोनों आवश्यक हैं। वहीं पेंशनभोगी ऑथेंटिकेशन में ईमेल पता देना अनिवार्य नहीं है।
डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र के लिए कौन-से दो ऐप डाउनलोड करने होंगे?
आधार फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए दो एप्लिकेशन की आवश्यकता होती है।
1. Aadhaar Face RD App
यह UIDAI का फेस ऑथेंटिकेशन से संबंधित एप्लिकेशन है।
इसका उपयोग Jeevan Pramaan ऐप की बैकग्राउंड फेस ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया के लिए किया जाता है।
इसे अपने मोबाइल में Google Play Store या Apple App Store से इंस्टॉल करें।
ध्यान रखें कि इस ऐप को इंस्टॉल करना जरूरी है। इसके बिना आगे की फेस ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया पूरी नहीं होगी।
2. Jeevan Pramaan App
यह मुख्य एप्लिकेशन है, जिसके माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा किया जाता है।
इस ऐप में ऑपरेटर और पेंशनभोगी की जानकारी दर्ज की जाती है। इसके बाद ओटीपी सत्यापन, पेंशन संबंधी विवरण और फेस स्कैनिंग की प्रक्रिया पूरी होती है।
इसे भी अपने मोबाइल के आधिकारिक ऐप स्टोर से डाउनलोड और इंस्टॉल करें।
Quick Tip: पहले Aadhaar Face RD ऐप इंस्टॉल करें और उसके बाद Jeevan Pramaan ऐप इंस्टॉल करें।
मोबाइल से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाने की पूरी प्रक्रिया
अब बात करते हैं सबसे महत्वपूर्ण हिस्से की। आइए समझते हैं कि मोबाइल से जीवन प्रमाणपत्र कैसे जनरेट किया जाता है।
इस पूरी प्रक्रिया में दो अलग-अलग ऑथेंटिकेशन होते हैं:
- ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन।
- पेंशनभोगी ऑथेंटिकेशन।
भाग 1: ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन कैसे करें?
सबसे पहले उस व्यक्ति का ऑथेंटिकेशन किया जाएगा जो पेंशनभोगी का डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जनरेट करने के लिए ऐप का संचालन करेगा।
यह व्यक्ति स्वयं पेंशनभोगी भी हो सकता है या कोई दूसरा व्यक्ति भी।
चरण 1: Aadhaar Face RD ऐप इंस्टॉल करें
अपने मोबाइल में Google Play Store या Apple App Store खोलें।
Aadhaar Face RD ऐप खोजें और उसे इंस्टॉल करें।
इंस्टॉलेशन पूरा होने के बाद सुनिश्चित करें कि ऐप आपके मोबाइल में सही तरीके से इंस्टॉल हो गया है।
चरण 2: Jeevan Pramaan ऐप डाउनलोड करें
अब ऐप स्टोर में Jeevan Pramaan खोजें और इसे डाउनलोड करें।
दोनों एप्लिकेशन इंस्टॉल होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
चरण 3: Jeevan Pramaan ऐप खोलें
अपने मोबाइल में Jeevan Pramaan ऐप खोलें।
आपके सामने Operator Authentication की स्क्रीन दिखाई देगी।
यहां निम्नलिखित जानकारी भरें:
- आधार चेकबॉक्स पर क्लिक करें।
- अपना आधार नंबर दर्ज करें।
- मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- ईमेल पता दर्ज करें।
- Submit बटन पर क्लिक करें।
जानकारी भरते समय विशेष ध्यान रखें कि सभी विवरण सही हों। जिन कॉलम पर (*) का निशान है, उन्हें भरना अनिवार्य है।
चरण 4: OTP सत्यापन करें
जानकारी सबमिट करने के बाद आपके मोबाइल नंबर और ईमेल पते पर OTP भेजे जाएंगे।
प्राप्त OTP को ऐप में दर्ज करें और आगे बढ़ने के लिए Submit बटन दबाएं।
यह प्रक्रिया ऑपरेटर की पहचान सत्यापित करने के लिए की जाती है।
चरण 5: ऑपरेटर का नाम दर्ज करें
OTP सत्यापन पूरा होने के बाद अगली स्क्रीन दिखाई देगी।
अब आपको:
- आधार कार्ड के अनुसार अपना पूरा नाम दर्ज करना है।
- आवश्यक चेकबॉक्स पर क्लिक करना है।
- Scan बटन दबाना है।
- फेस स्कैनिंग के लिए मांगी गई अनुमति स्वीकार करनी है।
इसके बाद ऐप फेस स्कैनिंग की प्रक्रिया शुरू करने के लिए तैयार हो जाएगा।
चरण 6: ऑपरेटर का फेस ऑथेंटिकेशन करें
अब स्क्रीन पर फेस स्कैनिंग से संबंधित निर्देश दिखाई देंगे।
निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।
इसके बाद:
- I am aware of this विकल्प पर क्लिक करें।
- Proceed बटन दबाएं।
- ऐप को अपना चेहरा स्कैन करने दें।
इस तरह ऑपरेटर का फेस ऑथेंटिकेशन पूरा हो जाएगा।
ध्यान दें: ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन केवल एक बार किया जाता है। एक ही ऑपरेटर इस प्रक्रिया के बाद कई पेंशनभोगियों का डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जनरेट करने में सहायता कर सकता है।
भाग 2: पेंशनभोगी का ऑथेंटिकेशन कैसे करें?
ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन पूरा होने के बाद अब पेंशनभोगी की बारी आती है।
यह इस पूरी प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र पेंशनभोगी के व्यक्तिगत और पेंशन संबंधी विवरणों के आधार पर जनरेट किया जाता है।
चरण 7: पेंशनभोगी का व्यक्तिगत विवरण भरें
ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन पूरा होने के बाद पेंशनभोगी ऑथेंटिकेशन की स्क्रीन खुलेगी।
यहां निम्नलिखित जानकारी दर्ज करें:
- आधार चेकबॉक्स पर क्लिक करें।
- पेंशनभोगी का आधार नंबर दर्ज करें।
- मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- ईमेल पता दर्ज करें (यह अनिवार्य नहीं है)।
- Submit बटन दबाएं।
इसके बाद स्क्रीन पर Enter OTP का विकल्प दिखाई देगा।
प्राप्त OTP दर्ज करें और Submit बटन पर क्लिक करें।
चरण 8: पेंशन से संबंधित जानकारी दर्ज करें
OTP सत्यापन के बाद अब पेंशनभोगी की पेंशन संबंधी जानकारी भरनी होगी।
इस चरण में निम्नलिखित विवरण मांगे जाते हैं:
1. पूरा नाम: आधार कार्ड के अनुसार पेंशनभोगी का पूरा नाम दर्ज करें।
2. पेंशन का प्रकार: पेंशनभोगी की पेंशन का प्रकार चुनें।
3. स्वीकृति प्राधिकारी (Sanctioning Authority): संबंधित पेंशन स्वीकृति प्राधिकारी का विवरण भरें।
4. संवितरण एजेंसी (Disbursing Agency): संबंधित पेंशन वितरण एजेंसी का विवरण चुनें।
5. PPO संख्या: पेंशन भुगतान आदेश यानी PPO नंबर दर्ज करें।
6. पेंशन खाता संख्या: वह खाता संख्या दर्ज करें जिसमें पेंशन प्राप्त होती है।
सभी जानकारी भरने के बाद आवश्यक घोषणाओं को स्वीकार करें और Submit बटन दबाएं।
स्क्रीन पर दिखाई देने वाली पुष्टि संबंधी अनुमति को भी स्वीकार करें।
Quick Tip: प्रक्रिया शुरू करने से पहले PPO नंबर और पेंशन खाते से संबंधित जानकारी अपने पास रख लें। इससे गलत जानकारी दर्ज होने की संभावना कम होगी।
चरण 9: पेंशनभोगी का फेस स्कैन करें
अब अंतिम ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया शुरू होगी।
स्क्रीन पर फेस स्कैनिंग के लिए सहमति और अनुमति मांगी जाएगी।
- संबंधित निर्देश और घोषणा पढ़ें।
- आवश्यक सहमति दें।
- Scan बटन पर क्लिक करें।
- पेंशनभोगी के चेहरे का स्कैन पूरा होने दें।
सफल फेस ऑथेंटिकेशन के बाद डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा होने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र सफलतापूर्वक जमा हुआ या नहीं, कैसे पता करें?
फेस स्कैनिंग सफल होने के बाद मोबाइल स्क्रीन पर डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र से संबंधित जानकारी दिखाई देती है।
इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित विवरण शामिल होते हैं:
- Pramaan ID (प्रमाण आईडी)।
- PPO Number (पीपीओ संख्या)।
- DLC Submission Confirmation (डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा होने की पुष्टि)।
इस जानकारी को ध्यान से देखें और अपनी Pramaan ID सुरक्षित रखें।
डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र डाउनलोड कैसे करें?
अगर आप अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र डाउनलोड करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए तरीके का पालन करें:
- आधिकारिक वेबसाइट https://jeevanpramaan.gov.in/ खोलें।
- Pensioner Login / Sign in विकल्प चुनें।
- अपनी Jeevan Pramaan ID यानी Pramaan ID दर्ज करें।
- वेबसाइट पर दिए गए निर्देशों का पालन करके प्रमाणपत्र डाउनलोड करें।
इस तरह आप अपने डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र को ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।
ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन से जुड़े 4 महत्वपूर्ण नियम
भारत सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा जारी SOP में ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं।
इन्हें समझना जरूरी है।
1. ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन केवल एक बार होगा
ऑपरेटर को हर पेंशनभोगी का जीवन प्रमाणपत्र बनाते समय अपना फेस ऑथेंटिकेशन दोबारा करने की आवश्यकता नहीं होती।
2. पेंशनभोगी स्वयं ऑपरेटर बन सकता है
यदि पेंशनभोगी के पास आवश्यक स्मार्टफोन और एप्लिकेशन हैं, तो वह स्वयं भी ऑपरेटर बनकर अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
3. एक ऑपरेटर कई पेंशनभोगियों की सहायता कर सकता है
एक बार ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन पूरा होने के बाद वही ऑपरेटर कई पेंशनभोगियों के डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जनरेट करने में सहायता कर सकता है।
4. ऑपरेटर और पेंशनभोगी का ऑथेंटिकेशन अलग-अलग होता है
यह समझना बहुत जरूरी है कि ऑपरेटर का फेस ऑथेंटिकेशन पूरा होने का अर्थ यह नहीं है कि पेंशनभोगी का जीवन प्रमाणपत्र भी बन गया है।
पेंशनभोगी का व्यक्तिगत विवरण, पेंशन संबंधी जानकारी और फेस ऑथेंटिकेशन भी पूरा करना अनिवार्य है।
डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
प्रक्रिया के दौरान कुछ छोटी-छोटी गलतियां परेशानी पैदा कर सकती हैं। इसलिए इन बातों का ध्यान रखें:
- Aadhaar Face RD और Jeevan Pramaan दोनों ऐप पहले से इंस्टॉल रखें।
- ऑपरेटर का नाम आधार रिकॉर्ड के अनुसार दर्ज करें।
- आधार नंबर और मोबाइल नंबर सही भरें।
- OTP सत्यापन सावधानीपूर्वक पूरा करें।
- पेंशनभोगी का PPO नंबर सही दर्ज करें।
- पेंशन खाता संख्या और अन्य पेंशन संबंधी जानकारी उपलब्ध रखें।
- आवश्यक घोषणाओं को पढ़कर ही सहमति दें।
- फेस स्कैनिंग से पहले ऐप द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।
- सफल सबमिशन के बाद Pramaan ID सुरक्षित रखें।
एक और जरूरी सावधानी: अपना OTP, आधार विवरण और अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। केवल आवश्यक और विश्वसनीय माध्यम से ही अपनी जानकारी दर्ज करें।
डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र से संबंधित सामान्य प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या पेंशनभोगी स्वयं अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बना सकता है?
हां। पेंशनभोगी स्वयं ऑपरेटर बन सकता है और अपने मोबाइल से ऑपरेटर तथा पेंशनभोगी ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
प्रश्न 2: क्या एक ही ऑपरेटर कई पेंशनभोगियों का जीवन प्रमाणपत्र बना सकता है?
हां। SOP के अनुसार एक ऑपरेटर कई पेंशनभोगियों के डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जनरेट करने में सहायता कर सकता है। ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन केवल एक बार करना होता है।
प्रश्न 3: क्या Aadhaar Face RD ऐप इंस्टॉल करना जरूरी है?
हां। यह जीवन प्रमाण एप्लिकेशन की बैकग्राउंड फेस ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया के लिए आवश्यक है।
प्रश्न 4: क्या पेंशनभोगी का ईमेल पता देना अनिवार्य है?
नहीं। SOP के अनुसार पेंशनभोगी ऑथेंटिकेशन के दौरान ईमेल पता देना अनिवार्य नहीं है। हालांकि ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन में ईमेल पता आवश्यक है।
प्रश्न 5: डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनने के बाद कौन-सी जानकारी मिलती है?
सफल फेस ऑथेंटिकेशन के बाद मोबाइल स्क्रीन पर Pramaan ID, PPO Number और DLC Submission Confirmation दिखाई देते हैं।
प्रश्न 6: डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र कहां से डाउनलोड कर सकते हैं?
आप आधिकारिक Jeevan Pramaan वेबसाइट https://jeevanpramaan.gov.in/ पर जाकर Pensioner Login के माध्यम से अपनी Pramaan ID का उपयोग करके प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
प्रश्न 7: क्या परिवार का कोई सदस्य पेंशनभोगी की ओर से ऑपरेटर बन सकता है?
हां। पेंशनभोगी की ओर से कोई अन्य व्यक्ति ऑपरेटर बन सकता है और उसकी सहायता से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जनरेट कर सकता है।
निष्कर्ष: अब स्मार्टफोन से जमा करें अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र
डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र के लिए आधार फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा पेंशनभोगियों और उनके परिवारों के लिए एक उपयोगी डिजिटल विकल्प है।
इसकी मदद से पेंशनभोगी स्मार्टफोन के माध्यम से अपना चेहरा स्कैन कराकर जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।
इस पूरी प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ऑपरेटर और पेंशनभोगी का ऑथेंटिकेशन अलग-अलग होता है। साथ ही पेंशन संबंधी जानकारी सही दर्ज करना भी जरूरी है।
अगर आप स्वयं पेंशनभोगी हैं, तो इस प्रक्रिया को समझकर अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं। यदि आपके परिवार में कोई बुजुर्ग पेंशनभोगी है, तो आप भी उनकी सहायता कर सकते हैं।
इस जानकारी को दूसरे पेंशनभोगियों और उनके परिवारों के साथ जरूर साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठा सकें।
आधिकारिक जानकारी और संदर्भ
यह लेख भारत सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा जारी SOP Face Authentications 2026 पर आधारित है।
- आधिकारिक पोर्टल: https://jeevanpramaan.gov.in/
- आधिकारिक ईमेल: doppw-dlc@gov.in
- आधिकारिक विभागीय वीडियो: https://www.youtube.com/watch?v=YYYwcyOTNJk&t=148s
महत्वपूर्ण सूचना: यह लेख केवल जानकारी और मार्गदर्शन के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी तकनीकी समस्या, असफल फेस ऑथेंटिकेशन या पेंशन रिकॉर्ड से संबंधित समस्या के लिए संबंधित आधिकारिक विभाग से संपर्क करें।




